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Title: अग्निकांड के दो दशक बाद भी सबक नहीं बिजली महकमा सुधरा दमकल विभाग
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श्रद्धांजलि |21 वर्ष पहले हुए अकाल मृत्यु का शिकार हुए लोगों की याद में अखंड पाठ का आयोजन शहर में आज से 21 वर्ष पहले हुए दावा...




श्रद्धांजलि |21 वर्ष पहले हुए अकाल मृत्यु का शिकार हुए लोगों की याद में अखंड पाठ का आयोजन
शहर में आज से 21 वर्ष पहले हुए दावानल में झुलस गए शहर के 442 सदस्यों की बरसी आज है। हर वर्ष की तरह बरसी पर पीडितों ने ही पाठ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है जबकि सैकंडों लोगों की जान लेने में अग्निकांड के कारण बने तत्वों में प्रशासन आमजन की ओर से आज भी कोई सुधार नहीं हुआ है। बिजली बोर्ड के हर ट्रांसफार्मर पर फ्यूज और तारें आज भी उघडे हैं और रात को तारों में कई जगह स्पार्किंग से आग जलते देखना आम बात है।
इसी प्रकार कई स्कूल शहर और खेतों में ऐसे बने हुए हैं जिनमें एकदम से फायरब्रिगेड जाने का सुगम रास्ता भी नहीं है लेकिन उनके पास विभागीय एनओसी उपलब्ध है। इतना ही नहीं अस्पताल और होटलों में भी इन व्यवस्थाओं पर कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही। हालांकि पीड़ित परिवारों के सदस्य और बच्चे चुनौतियों को पार करते हुए मुख्यधारा में रहे हैं लेकिन आम परिवारों में करंट लगने और आग लगने की घटनाएं हर साल बदस्तूर जारी है। उल्लेखनीय है कि शहर में पिछले सप्ताह आए प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मंच से घटना का जिक्र किया और दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए अामजन से बड़े हादसे से उबरने की अपील की थी।
जल्द लगवाए जाएंगे बॉक्स :: एक्सइएन
इसबारे में बिजली निगम के एक्सइएन डीआर वर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर के पास फ्यूज लगाए जाने की जगह खुले तारों को बॉक्स में लगाया जाएगा। इसके लिए बॉक्स मंगवाए जा रहे हैं। जल्द ही पूरे एरिया में ये सुधार कर दिया जाएगा। आमजन अपने घरों, दुकानों कार्यक्रम के दौरान कोई जोड़ खुला रखें ताकि स्पार्किंग हो।
सरकार जागरूकता केंद्र स्थापित करे: बंसल
अग्निकांड में स्पार्किंग बड़ा कारण था और शहर में आज भी हम खुले तार देखते हैं तो दुख होता है लेकिन 21 सालों में हमें सुधार नहीं कर सकें हैं। एक बार फि प्रयास किया जाएगा। नगर परिषद में इस पर प्रस्ताव लाएंगे और बिजली विभाग को भी प्रस्ताव भेजकर सुधार कराया जाएगा। आमजन स्कूलों से हम विशेष तौर पर अपील करेंगे। हमारी मांग भी है कि सरकार अग्निकांड स्थल पर ऐसी जागरूकता वाला केंद्र स्थापित करे। विनोदबंसल, पीड़ित एवं नगर पार्षद, डबवाली
शहर में हर गली मोहल्ले में खुले पड़े हैं बिजली के तार
शहर के हर गली मोहल्ले में गुजरने वाली बिजली तारों से सप्लाई जोड़ने वाले फ्यूज और कनेक्टर बॉक्स नंगे पड़े हैं जबकि बोर्ड के नियमानुसार इनके लिए लकड़ी प्लास्टिक के बॉक्स लगाए जाने चाहिए। वैश्विक अग्निकांड का दंश झेल रहे शहर में भी इस पर गौर नहीं किया जा रहा है। जबकि अग्निकांड में स्पार्किंग काे कारण माने जाने से बिजली बोर्ड के 5 कर्मचारियों अधिकारियों को चार्जशीट भी किया गया था और सरकार के तहत पीडितों को मिले मुआवजे में बिजली बोर्ड की हिस्सेदारी भी रही थी। इसी प्रकार फायर विभाग भी लापरवाह बना हुआ है और नगर परिषद भी इस पर गौर नहीं कर रही है। शहर गांवों में होने वाले यहां तक कि रैलियों आदि के आयोजन में सरेआम जनरेटर से बिजली से कनैक्शन लाइट, पंखों, कूलर आदि के कनैक्शन खुले ही रहते हैं। इससे ऐसे हादसे की पुनरावृति को नकारा नहीं जा सकता है। डबवाली उपमंडल में इन्हीं कारणों के चलते 5 लोगों की जान जा चुकी है। हर वर्ष यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
सार्वजनिक स्थानों पर भी खुले हैं तार
शहर में गलियों और मोहल्लों में बिजली तार नीचे होने से करंट लगने की स्थिति आम बात है। वहीं प्रत्येक ट्रांसफार्मर के फ्यूज भी हाई वोल्टेज करंट होने के बावजूद व्यक्ति के लगभग सर तक की उंचाई पर खुले पड़े रहते हैं। शहर में बस स्टैंड पर, सिटी थाना के आगे, बीईओ ऑफिस के साथ, सरकारी स्कूल के पास, अनाज मंडी नगर परिषद वाली रोड सहित बाजार आवासीय कॉलोनियों में भी इसी प्रकार तार खुले हैं।
स्मारक पर लगी अग्रिकांड में जान गंवाने वाले बच्चों, महिलाओं अन्य लोगों की तस्वीरें।









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