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गुरुवार, जनवरी 04, 2018

खुल गई घपले - घोटाले की पोल तत्कालीन एसडीएम प्रशांत व एमई जयवीर जाँच में पाए गए दोषी , अब होगी कार्वाही

#dabwalinews.com   
डबवाली ।
एक बार फिर भाजपा सरकार स्वच्छता अभियान चलाने जा रही है। स्वच्छता के नाम पर किस कद्र खजाने  पर बोझ डाला जा रहा है इसका आम आदमी अनुमान तक नहीं लगा सकता। जब से भाजपा सरकार ने सत्ता की बागडोर संभाली है तब से लेकर आज तक न जाने कितना धन स्वच्छता के नाम पर खर्च कर जनता की मेहनत की कमाई की बलि दे दी गई है। सरकार के आदेश पर संबंधित विभागों के अधिकारी प्रचार-प्रसार की योजना बनाकर बेवजह धन तो खर्च करते ही हैं तो वहीं इस कार्य को अंजाम देने वाले किस तरह से भ्रष्टाचार को जन्म देते हैं इसका सहजता से अनुमान तक लगा  पाना  संभव नही हो पाता।
यहां यह बता देना जरूरी है कि वर्ष 2016 में नगर परिषद द्वारा मंडी डबवाली में आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के चित्र के साथ ‘स्वच्छ हरियाणा, स्वच्छ भारत’ का नारा दिया गया है। शहर के लोगों को हैरानी होगी कि चार स्थानों पर लगे इन होर्डिंग की की जानकर। नगर परिषद द्वारा एक बोर्ड पर 98 हजार रूपये खर्च किए हैं। है ना हैरान वाली बात। अब स्वयं ही अनुमान लगा लें कि नगर परिषद में पिछले दो वर्षों में किस कद्र भ्रष्टाचार हुआ होगा। आरटीआई एक्टिीविस्ट गोपाल कृष्ण मित्तल ने इसकी जांच के लिए  सीएम  विंडो में शिकायत लगाई थी जिस पर संज्ञान लेते हुए निकाय विभाग पंचकूला ने जांच करवाई और जांच के दौरान नगर परिषद के तत्कालीन दो अधिकारियों को  दोषी पाया है। विभाग द्वारा उस समय के एसडीएम  व एमई जयवीर को दोषी करार देते हुए उन पर कार्रवाही के आदेश जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त इसी तरह के होर्डिंग कालांवाली में भी लगाए गए थे और वहां की नगर पालिका में एक बोर्ड की कीमत 96 हजार रूपये बताई गई थी।

 एक सवाल बहुत ही बड़ा है कि सरकार आखिर इस तरह का प्रचार-प्रसार किसे स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहती है। क्या लाखों रूपये के होर्डिंग लगाकर और उस पर प्रधान मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के चित्र अंकित कर देने से शहर के लोग जागरूक हो जाते हैं। ऐसा करने से क्या लाभ होता है किसे लाभ होता है और किसको लाभ पहुंचाने का काम किया जाता है इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। इस तरह के कार्य कर सरकार अपने चेहतों को लाभ पहुंचाने के रास्ते दिखा रही है तो वहीं सरकारी विभागों में बैठे बाबुओं को भ्रष्टाचार करने के अवसर प्रदान करवा दिए जाते हैं। जनता के पैसे को यूं झूठे व बेअसर प्रचार-प्रसार पर बहाते हुए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा देने का केवल मात्र का किया जाता है जो भाजपा सरकार बेखूबी कर रही है। 

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