Young Flame Young Flame Author
Title: उम्र 19 साल, कद डेढ़ फुट और वजन पांच किलो
Author: Young Flame
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जन्म के कुछ समय बाद ही रुका शारीरिक विकास, नकल उतारने में उस्ताद है मनप्रीत #dabwalinews.com डीडी गोयल डबवाली। उम्र 19 साल, कद डेढ...
जन्म के कुछ समय बाद ही रुका शारीरिक विकास, नकल उतारने में उस्ताद है मनप्रीत
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डीडी गोयल
डबवाली। उम्र 19 साल, कद डेढ़ फुट और वजन महज पांच किलो। हम बात कर रहे हैं मनप्रीत सिंह की। गांव अबूबशहर में यह बच्चा चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजन उसे गोद में उठाकर चलते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि हार्मोन के कारण ऐसा संभव है। अगर समय पर बीमारी पकड़ में आ जाए तो इसका इलाज हो सकता है।
मनप्रीत का जन्म मानसा (पंजाब) के निकटवर्ती गांव रमदित्तांवाला निवासी जगतार सिंह के घर हुआ था। जन्म के कुछ समय बाद उसका शारीरिक विकास रुक गया। ऐसे मेें 19 वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते वह एक साल के बच्चे की तरह व्यवहार करता है। करीब तीन वर्ष पहले उसका ममेरा भाई मनदीप उसे अपने गांव अबूबशहर ले आया। तब से वह गांव अबूबशहर में अपनी मामी लखविंद्र कौर तथा मामा कर्मजीत सिंह के पास रह रहा है। जैसे ही मनदीप अपने भाई को उठाकर गांव में चलता है तो इस बच्चे के बारे में ग्रामीणों में चर्चा पैदा हो जाती है। ग्रामीण इसे बाबा कहकर पुकारने लगे हैं। यह बच्चा अपने मुख से कई शब्द बोलता है। दूसरों की नकल उतारने में उस्ताद है। घर में आए अतिथि से हाथ मिलाता है।
उसे बैठने का इशारा करता है। उसके मामा तथा ममेरा भाई गाड़ी चालक हैं। गाड़ी स्टार्ट करने से पहले वे भगवान का सिमरन करते हुए कानों पर हाथ लगाते हैं, हुबहू उनकी नकल उतारता है। लखविंद्र कौर के अनुसार मनप्रीत को वे कई बार उसके गांव छोड़ आए हैं, लेकिन वहां उसका मन नहीं लगता। उसका इलाज करवाने के लिए वे कई बार चिकित्सकों के पास गए। लेकिन दवाइयों का कोई असर नहीं हुआ। उसका स्वभाव एक साल के बच्चे की तरह है। वह सुबह तथा रात को एक-एक रोटी खाने के लिए मांगता है। बर्फी इसे बेहद पसंद हैं। मनप्रीत की बहन जसप्रीत 17 साल की हो चुकी है। जबकि एक भाई मंगलदीप है, वे दोनों स्वस्थ हैं, उनका मानसिक तथा शारीरिक विकास हो रहा है।
इलाज संभव है
हॉर्मोन विकसित न होने के कारण कद छोटा रहना संभव है। तीन-चार साल में बच्चा मानसिक तथा शारीरिक रूप से विकसित होना शुरू होता है। अगर शरीर में विकास नहीं हो रहा हो तो अभिभावकों को बच्चे की तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए। शुरुआत में बीमारी पकड़ में आने के बाद इलाज संभव है।
-एमके भादू, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, डबवाली
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