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Title: जिम्मेदारियों से अधिकारी बेहाल काम कराने को भटक रहे लोग
Author: Young Flame
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डबवाली के लिए दो दिन तय हैं  हस्ताक्षर करने में ही व्यस्त रहते हैं एसडीएम  कार्यकारी एसडीएम के पास 7 विभागों का काम, बीडीपीओ...

डबवाली के लिए दो दिन तय हैं 
हस्ताक्षर करने में ही व्यस्त रहते हैं एसडीएम 
कार्यकारी एसडीएम के पास 7 विभागों का काम, बीडीपीओ भी देख रहे अितरिक्त व्यवस्थाएं 
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पूर्ण धनेरवा | डबवाली
जिले में अधिकारियों की कमी के कारण आमजन के कामों में देरी हो रही है। वहीं अधिकारियों कर्मचारियों को भी अतिरिक्त कार्यभार सहना पड़ रहा है। उपमंडल कार्यकारी एसडीएम के पास 7 विभागों का कार्यभार है। इसके अलावा बीडीपीओ भी कई जगह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। शहर में पार्षदों गांवों में सरपंचों का कार्यकाल पूरा होने से अधिकारियों के पास इससे ज्यादा काम हो गया है। लोगों को दस्तावेजाें पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने के लिए कई दिन कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
उपमंडल में एसडीएम पद पर पिछले साल से नंवबर के बाद स्थाई तौर पर कोई एसडीएम नहीं रहे। अब हरियाणा रोडवेज के जीएम सुरेश कस्वां करीब 7 माह से बतौर कार्यकारी एसडीएम कार्यभार देख रहे हैं। इसके अलावा उन्हें नगर परिषद के प्रशासक मार्केट कमेटी प्रशासक का कार्यभार भी तब से मिला हुआ है। जून में कालांवाली नगरपालिका के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें वहां भी नपा प्रशासक नियुक्त कर दिया है। 25 जुलाई से पंचायतीराज पदाधिकारियों का कार्यकाल पूरा होने से पंचायत समिति डबवाली ओढ़ां का कार्यभार भी एसडीएम सुरेश कस्वां को दिया जा चुका है। ऐसे में जिला और उपमंडल स्तर पर अधिकारियों मंत्रियों के दौरों के दौरान भी उन्हें विशेष व्यवस्थाएं देखने सहित अन्य विभागीय बैठकों में भी जिला मुख्यालय स्तर पर शामिल होना होता है। जिससे उनके बैठे होने की सूचना के लिए कार्यभार से संबंधित विभाग के कर्मचारी गौर रखते हैं और दस्तावेजों सहित उनके पास पहुंचकर अनुमति आगामी कार्रवाई के लिए दस्तावेजोें पर हस्ताक्षर करवाते हैं।
बीडीपीओके पास भी कई जगह कार्यभार
मुख्य अधिकारी बीडीपीओ सतेंद्र सिवाच के पास भी कई जगह कार्यभार हैं। वे डबवाली नगर परिषद के सचिव का कार्यभार देख रहे हैं वहीं पिछले माह ऐलनाबाद बीडीपीओ का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा चुका है। इसके बाद 25 जुलाई से दोनों खंड की करीब 100 पंचायतों में बतौर प्रशासक भी बीडीपीओ को नियुक्त किया गया है। बीडीपीओ को इसी वर्ष होने वाली पंचायती चुनाव कराने के लिए व्यवस्था बनाने की ड्यूटी भी दी गई है। जिससे सभी पंचायतों में पहुंचकर विकास कार्यों की जरूरतों गुणवत्ता को देखना तो दूर वे इनके भुगतान अन्य विभागीय कार्रवाइयों के निपटान में व्यस्त रहते हैं।
^जीएम के रोजाना अधिक कार्य होने से सिरसा फील्ड में कार्य देखता हूं। डीसी बैठकों विभागीय कार्य भी जिला स्तर पर करने होते हैं। डबवाली के लिए मंगलवार और शुक्रवार का समय तय है। समय मिलने पर प्रशासक की ड्यूटी निभाने स्थानीय निकायों बीडीपीओ कार्यालय में जाता हूं। लोगों को असुविधा नहीं हो इसके लिए संबंधित विभाग के कर्मचारियों को जीएम एसडीएम कार्यालय में दस्तावेजों सहित पेश होकर अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।'' सुरेशकस्वां, कार्यकारी एसडीएम कम जीएम रोडवेज
लोगों के अटक रहे काम
शहरवासी मक्खन सिंह ने बताया कि उसने मकान का नक्शा पास कराने के लिए नप में अप्लाई किया है। नप में जाते हैं तो जवाब मिलता है कि अधिकारी नहीं हैं। कभी बीडीपीओ कार्यालय तो कभी एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। रामकुमार, विनोद, राजेंद्र कालुराम ने बताया कि उन्होंने अपने वाहनों की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फाइलें जमा कराई हुई हैं लेकिन पिछले दो पखवाड़े से उन्हें अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं होने से दस्तावेज नहीं मिल रहे। गांववासी डिंपल तथा अजय ने बताया कि उन्हें वोटर सूची की प्रतियां चाहिए। बीडीपीओ, एसडीएम के हस्ताक्षर नहीं हो रहे।
एचसीएस अधिकारी सुरेश कस्वां के सभी विभागों में पहुंच नहीं पाने से संबंधित विभाग के कर्मचारी पहले पता करते हैं कि वे किस कार्यालय में हैं। उनके पास पहुंचकर संबधित विभाग कर्मचारी पत्राचार अन्य जवाब पत्रों के साथ उनके हस्ताक्षर सहित अनुमति लेते हैं। एसडीएम जब मंगलवार को यहां आते हैं तो उनके सामने हस्ताक्षर लेने वाले कर्मचारी विभाग अनुसार बदलते रहते हैं लेकिन हस्ताक्षर करने और दस्तावेज जांचने में वे ही लगे रहते हैं। 
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