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Title: मंडी में धान बेचने में रही परेशानी, किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Author: Young Flame
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समस्या | किसानों ने समाधान नहीं होने पर हरियाणा दिवस काले दिवस के रूप में मनाने की दी चेतावनी आंदोलन के बावजूद सरकार पर अनदेखी का...

समस्या | किसानों ने समाधान नहीं होने पर हरियाणा दिवस काले दिवस के रूप में मनाने की दी चेतावनी
आंदोलन के बावजूद सरकार पर अनदेखी का आरोप
#dabwalinews.com
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मंडी में धान बेचने में रही परेशानी को लेकर गांवों से आए किसानों ने मंगलवार को राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी के नेतृत्व में एसडीएम संगीता तेत्रवाल को सीएम मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों ने अनेक समस्याएं उठाते हुए उनका समाधान नहीं होने पर 1 नवंबर को हरियाणा दिवस काले दिवस के रूप में मनाने की चेतावनी दी।
जसवीर सिंह भाटी अन्य किसान प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बहुत खामियां है जिसे लेकर आंदोलन भी किए। इसके बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की और लोगों के बैंक खातों से बीमा राशि जबरन काट ली। इसके बावजूद आज तक बीमा कंपनी ने किसी भी किसान को बीमे का लाभ नहीं दिया और ही कंपनी के किसी प्रतिनिधि ने किसान के खेत में आकर फसल का निरीक्षण किया जबकि सैंकडों किसानों ने अपनी फसल खराब होने के बाबत शिकायत लिखित तौर पर की थी। बीमा कंपनी ने किसी शिकायतकर्ता किसान का क्लेम केस नहीं किया है। इसलिए राष्ट्रीय किसान संगठन की मांग है कि किसानों के बैंक खातों से काटी गई राशि वापिस उनके खातों में डाली जाए।
पिछले वर्ष से भी कम दामों में बिक रहा है धान 
ज्ञापनमें कहा कि मंडी में धान बेचने रहे किसानों को व्यापारी उचित दाम नहीं दे रहे है। सरकार ने धान का रेट सिर्फ 60 रुपए बढ़ाया है जबकि नमी के नाम पर व्यापारी को धान का भाव 75 रुपए कम करने की छूट दे दी है। इस वजह से धान पिछले वर्ष से भी कम कीमत पर बिक रहा है। इससे मायूस हुए किसान मुख्यमंत्री को उनके ऐलनाबाद दौरे के दौरान ज्ञापन देने गए थे लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया और रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया जोकि किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
इसे लेकर किसानों में सरकार पुलिस के खिलाफ रोष है। प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी अन्य किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और यदि सरकार किसान हितों के बारे में सुनवाई नहीं करती तो हरियाणा के सभी किसान राष्ट्रीय किसान संगठन के बैनर तले आगामी 1 नवंबर को हरियाणा दिवस को काला दिवस रूप में मनाने को मजबूर हो जाएंगे।
मौके पर देवेंद्र भोभिया, जय दयाल मैहता नंबरदार, नरेंद्र सिंह दंदीवाल, ओम प्रकाश लखुआना, सुंदर सिंह बराड़, जसकरण सिंह, जगदेव सिंह, गमदूर सिंह, मनजीत सिंह मसीतां, शीशपाल सुकेराखेड़ा, बलबीर नंबरदार भारूखेड़ा अन्य किसान साथ थे। 
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