कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा ई-दिशा केंद्र रोजमर्रा के कार्यों के लिए भटर रहा आमजन,दावे हाईटैक करने के
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सरकार व जिला प्रशासन द्वारा एक तरफ तो डबवाली के ई-दिशा केंद्र को हाई-टैक करने के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की प्रयाप्त मात्रा में नियुक्ति न होने व छुट्टी पर चले जानेे के कारण आमजन को छोटे-मोटे काम के लिए भी महिनों चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त मनीष नागपाल द्वारा बीते सप्ताह एसडीएम कार्यालय सहित अन्य विभागों के साथ-साथ ई-दिशा केंद्र का भी निरीक्षण किया था। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने आमजन को भरोसा दिलाया था कि कर्मचारियों की नियुक्ति जल्द की जाएगी ताकि रोजमर्रा के कार्य प्रभावित न हों और आमजन को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े। अतिरिक्त उपायुक्त मनीष नागपाल व एसडीएम रानी नागर के प्रयास से ई-दिशा केंद्र में ड्राईविंग लाईसेंस, आरसी आदि कार्य के लिए कर्मचारी तो नियुक्त कर दिया गया लेकिन कर्मचारी द्वारा अभी तक काम पर न लौटने के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर लाईसेंस आरसी का कार्य करने वाला कर्मचारी के मैडीकल छुट्टी पर चले जाने से लोगों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपने कार्य के लिए चक्कर लगा रहे राजीव कुमार, तोता राम, रामकुमार, राजेन्द्र ङ्क्षसह, जगतार सिंह व जसप्रीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले कई माह से ड्राईविंग लाईसेंस व वाहन रजिस्टे्रशन कार्य के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन काम नही हो पा रहा। उन्होंने बताया कि पहले तो कोई कर्मचारी यहां आता ही नहीं यदि आता है तो कभी मैडिकल छुट्टी अथवा तबादला करवाकर लौट जाते हैं जिसके कारण प्रतिदिन काम के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी समस्या को लेकर आज एसडीएम रानी नागर से भी मुलाकात की और एसडीएम ने जल्द ही सिरसा से कर्मचारी के पहुंचने की बात कही लेकिन दोपहर 2 बजे तक कोई कर्मचारी नहीं आया जिसके चलते हमेशा की तरह दूर-दराज के ग्रामीण व कस्बों सहित शहर से आए लोगों को बिना कार्य करवाए ही वापिस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
सभी कार्यालयों में हालात एक जैसे
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों से लेकर लैब टैक्निशियन सहित अनेक पद खाली पड़े हैं। जिन्हे नियुक्ति पत्र दिया गया है वह हाजिर नही हो पा रहे। इसी प्रकार पब्लिक हैल्थ के अधिकारी भानीराम को नगर परिषद का एमई नियुक्त किया गया और उन्होंने ज्वाइन करने के बाद फिर लौटकर नहीं आए और सब काम राम भरोसे चल रहा है। इसी प्रकार अनेक विभागों में लेखाकार व अन्य पद रिक्त पड़े हैं लेकिन सरकार व जिला प्रशासन नियुक्तियां नहीं कर पा रहे हैं। जिसक चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग यही स्थिति सरकारी स्कूलों की भी हैं जहां न तो प्रयाप्त मात्रा में शिक्षक हैं और न ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
सरकार व जिला प्रशासन द्वारा एक तरफ तो डबवाली के ई-दिशा केंद्र को हाई-टैक करने के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की प्रयाप्त मात्रा में नियुक्ति न होने व छुट्टी पर चले जानेे के कारण आमजन को छोटे-मोटे काम के लिए भी महिनों चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त मनीष नागपाल द्वारा बीते सप्ताह एसडीएम कार्यालय सहित अन्य विभागों के साथ-साथ ई-दिशा केंद्र का भी निरीक्षण किया था। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने आमजन को भरोसा दिलाया था कि कर्मचारियों की नियुक्ति जल्द की जाएगी ताकि रोजमर्रा के कार्य प्रभावित न हों और आमजन को बार-बार चक्कर न लगाने पड़े। अतिरिक्त उपायुक्त मनीष नागपाल व एसडीएम रानी नागर के प्रयास से ई-दिशा केंद्र में ड्राईविंग लाईसेंस, आरसी आदि कार्य के लिए कर्मचारी तो नियुक्त कर दिया गया लेकिन कर्मचारी द्वारा अभी तक काम पर न लौटने के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर लाईसेंस आरसी का कार्य करने वाला कर्मचारी के मैडीकल छुट्टी पर चले जाने से लोगों को अत्याधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपने कार्य के लिए चक्कर लगा रहे राजीव कुमार, तोता राम, रामकुमार, राजेन्द्र ङ्क्षसह, जगतार सिंह व जसप्रीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले कई माह से ड्राईविंग लाईसेंस व वाहन रजिस्टे्रशन कार्य के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन काम नही हो पा रहा। उन्होंने बताया कि पहले तो कोई कर्मचारी यहां आता ही नहीं यदि आता है तो कभी मैडिकल छुट्टी अथवा तबादला करवाकर लौट जाते हैं जिसके कारण प्रतिदिन काम के लिए चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी समस्या को लेकर आज एसडीएम रानी नागर से भी मुलाकात की और एसडीएम ने जल्द ही सिरसा से कर्मचारी के पहुंचने की बात कही लेकिन दोपहर 2 बजे तक कोई कर्मचारी नहीं आया जिसके चलते हमेशा की तरह दूर-दराज के ग्रामीण व कस्बों सहित शहर से आए लोगों को बिना कार्य करवाए ही वापिस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
सभी कार्यालयों में हालात एक जैसे
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों से लेकर लैब टैक्निशियन सहित अनेक पद खाली पड़े हैं। जिन्हे नियुक्ति पत्र दिया गया है वह हाजिर नही हो पा रहे। इसी प्रकार पब्लिक हैल्थ के अधिकारी भानीराम को नगर परिषद का एमई नियुक्त किया गया और उन्होंने ज्वाइन करने के बाद फिर लौटकर नहीं आए और सब काम राम भरोसे चल रहा है। इसी प्रकार अनेक विभागों में लेखाकार व अन्य पद रिक्त पड़े हैं लेकिन सरकार व जिला प्रशासन नियुक्तियां नहीं कर पा रहे हैं। जिसक चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग यही स्थिति सरकारी स्कूलों की भी हैं जहां न तो प्रयाप्त मात्रा में शिक्षक हैं और न ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
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