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सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क


राजीव वडेरा (mob--09356781200)
डबवाली से संगरिया तक बदहाल सड़क परेशानी का सबब बनी हुई है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बदहाल हुई यह सड़क इस कदर टूट चुकी है कि सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क है यह कहना मुश्किल है। रोजाना हजारों की तादात में वाहनों का आवागमन होने वाले इस मार्ग की बदहाली पर राजनीति भी गर्म है। विपक्ष जहां के निर्माण में हो रही देरी के कारण में सरकार को दोषी ठहरा रहा है वहीं सरकार के नुमाईंदे निर्माण क्षेत्र में वन्य जीवन प्राणी क्षेत्र आना गिनवा रहे है।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के निवास स्थान के अलावा काल की भेंट चढ़े पर्यटन स्थल काला तितर और आसाखेड़ा शिखरा भी इसी मार्ग पर स्थित है। शहर की बात की जाये तो एसडीएम कार्यालय व न्यायालय तथा सरकारी अस्पताल सहित तीन बड़े निजी विद्यालयों के साथ एक धार्मिक समुदाय का सत्संग भवन भी इस रोड़ पर मौजूद है। इतना महत्वपूर्ण क्षेत्र होते हुए भी सड़क ऐसी हालत और ऊपर से प्रशासनिक उदासीनता अपने आप में बड़ा सवाल है। इस सड़क की बदहाल की गंूज विधानसभा में पहुंच चुकी है और सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए बजट जारी करने का उतर भी दिया जा चुका है लेकिन समस्या अभी भी ढाक के वहीं तीन पात वाली है।
इस मार्ग पर स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल के निदेशक रमेश सचदेवा का कहना है कि बदहाल सड़क के कारण बच्चों का स्कूल आना एक सजा देने जैसा बन चुका है। डबवाली से संगरियां का 40 मीनट का सफर दो घंटो में पूरा होता है।
डबवाली के विधायक और इनेलो के महासचिव अजय सिंह चौटाला के अनुसार यह बदहाल सड़क सरकार की कार्यशैली का ही परिणाम है। सरकार की नीति व नियत साफ नहीं है। अफरशाही बेलगाम हो चुकी है। बकौल अजय सिंह चौटाला राजनीतिक कारण इस सड़क का निर्माण नहीं करवाया जा रहा है।
अफसरशाही का इस सड़क के निर्माण को लेकर अपना राग है। उनका कहना है कि इस सड़क को चौड़ा करने की योजना थी। जिसका बजट भी जारी हो चुका है लेकिन अबूबशहर के पास वन्य जीवन क्षेत्र आने के कारण इसके निर्माण की अनुमति नहीं मिल पाई इस कारण यह कार्य अधर में लटक गया है अब सड़क को पुराने साईज में बनाने के लिए पुन: योजना बना कर अनुमति के करवाने के लिए आला अधिकारियों के पास भेजा गया है। कारण जो भी हो लेकिन इतनी बदतर हालत में सड़क विकास के ब्यार बहने वाले पूरे प्रदेश में कहीं देखने को नहीं मिलेगी। बदहाल सड़क के कारण हो सफर एक सजा बन चुका है और राहगीर उसे भुगत रहे है। सड़क की बदहाली कि कारण इस मार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं का जिम्मेवार कौन होगा? इसका जवाब भी बड़े-बड़े ओहदों पर बैठे सरकारी बाबुओं के पास भी नहीं है।

1 comment:

Iqbal Singh Shant said...

सड़क की बुरी हालत के लिए जुम्मेवार अधिकारिओं को इसी चौटाला रोड पर लाकर 100-100 जूते मारने चाहिए, जब तक ऐसे लापरवाह व निक्कमे अफसरों के साथ ऐसा नहीं किया जाता तब तक सरदार भगत सिंह के सपनों का आज़ाद भारत नहीं संजोया जा सकता. आज देश को काले अंग्रेजों से मुक्त करवाने के लिए हमें कहीं से तो शुरुआत करनी होगी. क्यों यह शुरुआत यहीं से क्यों ना हो. --- इकबाल सिंह शांत पत्रकार --- http://bulandsoch.blogspot.com/