स्वच्छ भारत का स्वस्थ नजारा , शौचालय के नाम पर केवल की दो दीवारे ,उठती दुर्गंध बेहाल हैं दुकानदार
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गोल बाजार स्थित इंदिरा चौक के निकट बना शौचालय के नाम पर केवल पांच फुट की दो दिवारों का सरमाया ही बनकर रह गया है। मुख्य बाजार होने के कारण यहां आस-पास के दुकानदारों, राहगीरों व अन्य तरह का कार्य करने वाले लोगों द्वारा लघुशंका के लिए प्रयोग किया जाता है। सफाई और इसका लेबल आदि ठीक न होने के कारण इसकी गंदगी शौचालय के बाहर दिन भर बहती रहती है तो वहीं इसके भीतर लगे वाशर भी पूरी तरह से गायब हैं। इसके आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि बहुत वर्षो से बनाया गए इस शौचालय की देख-रेख व सफाई व्यवस्था न हो पाने के कारण अब यह जी का जंजाल बन गया है। उन्होंने बताया कि दिन भर इसका प्रयोग करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है और इससे उठती दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना भी दुश्वार हो चला है।
यहां के दुकानदारों ने नगर परिषद से मांग की है कि इसकी दिवारों को ऊंचा उठाया जाए और इसमें गायब हो चुकी आवश्यक सामग्री लगाई जाए और निकासी को दूरूस्त किया जाए। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद इसकी सफाई आदि का कार्य ठीक से नहीं कर पाती तो कम से कम से इसे बंद करवाने में अपना सहयोग जरूर करे। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के अतिरिक्त महिलाओं को यहां से गुजरने में भी शर्मिदंगी झेलनी पड़ती है और इस ओर विशेष ध्यान दिए जान की सख्त जरूरत है।
गोल बाजार स्थित इंदिरा चौक के निकट बना शौचालय के नाम पर केवल पांच फुट की दो दिवारों का सरमाया ही बनकर रह गया है। मुख्य बाजार होने के कारण यहां आस-पास के दुकानदारों, राहगीरों व अन्य तरह का कार्य करने वाले लोगों द्वारा लघुशंका के लिए प्रयोग किया जाता है। सफाई और इसका लेबल आदि ठीक न होने के कारण इसकी गंदगी शौचालय के बाहर दिन भर बहती रहती है तो वहीं इसके भीतर लगे वाशर भी पूरी तरह से गायब हैं। इसके आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि बहुत वर्षो से बनाया गए इस शौचालय की देख-रेख व सफाई व्यवस्था न हो पाने के कारण अब यह जी का जंजाल बन गया है। उन्होंने बताया कि दिन भर इसका प्रयोग करने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है और इससे उठती दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना भी दुश्वार हो चला है।
यहां के दुकानदारों ने नगर परिषद से मांग की है कि इसकी दिवारों को ऊंचा उठाया जाए और इसमें गायब हो चुकी आवश्यक सामग्री लगाई जाए और निकासी को दूरूस्त किया जाए। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद इसकी सफाई आदि का कार्य ठीक से नहीं कर पाती तो कम से कम से इसे बंद करवाने में अपना सहयोग जरूर करे। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी के अतिरिक्त महिलाओं को यहां से गुजरने में भी शर्मिदंगी झेलनी पड़ती है और इस ओर विशेष ध्यान दिए जान की सख्त जरूरत है।

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