Join Us On What'apps 09416682080

?? Dabwali ????? ?? ???? ????, ?? ?? ?? ??? ???? ??????? ???? ?? ??? ?? ??????? ?? ?????????? ?? ?? ??????, ?? ????? ?? ???? ???????? ???? ???? dblnews07@gmail.com ?? ???? ??????? ???? ?????? ????? ????? ?? ????? ?????????? ?? ???? ???? ??? ?? ???? ?????? ????? ???? ????? ??? ?? 9416682080 ?? ???-??, ????-?? ?? ?????? ?? ???? ??? 9354500786 ??

Trending

3/recent/ticker-posts

Labels

Categories

Tags

Most Popular

Contact US

Powered by Blogger.

DO YOU WANT TO EARN WHILE ON NET,THEN CLICK BELOW

Subscribe via email

times deal

READ IN YOUR LANGUAGE

IMPORTANT TELEPHONE NUMBERS

times job

Blog Archive

टाईटल यंग फ्लेम ही क्यूं?

Business

Just Enjoy It

Latest News Updates

Followers

Followers

Subscribe

Lorem Ipsum is simply dummy text of the printing and typesetting industry. Lorem Ipsum has been the industry's.

Pages

Most Popular

 डबवाली में एस पी द्वारा डबवाली व कालांवाली आढती एसोसिएशन की मिटींग
डबवाली में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एसपी से की मुलाकात,सदर थाना के पूर्व प्रभारी के खिलाफ गो हत्या का केस दर्ज करने की मांग
 थाना शहर डबवाली पुलिस द्वारा अलींका में हुई वृद की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को किया काबू
मसाज सेंटर पर पुलिस का छापा ,पंजाब पुलिसकर्मी समेत चार दबोचे
 12 जुलाई से गांव सक्ताखेड़ा में होगा राम कथा एवं दुर्लभ सत्संग का भव्य आयोजन
 समाज सेविका हरप्रीत कौर ने  राजकीय कन्या मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला मसीतां को उपलब्ध करवाए इनवर्टर बैंटरी
 रात की बारिश ने डूमवाली रजवाहे में डाली दरार, डबवाली से 12 km दूर बांडी गांव 150 एकड़ धान की फसल डूबी
सेवा और समर्पण की मिसाल: पाकिस्तानी पंजाब में खुली 'नानक फ़रीद फ़्री डिस्पेंसरी'
चौकी चौटाला पुलिस द्वारा 5 ग्राम 59 मि.ग्राम हिरोईन चिट्टा सहित एक को किया गिरफ्तार
डबवाली को जिला बनाने की मुहिम को जोर शोर से आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हुई डबवाली की संस्थाएं

Popular Posts

Secondary Menu
recent
Breaking news

Featured

Haryana

Dabwali

Dabwali

health

[health][bsummary]

sports

[sports][bigposts]

entertainment

[entertainment][twocolumns]

Comments

नोटबंदी और जीएसटी के बाद आपके घर में घुसने को तैयार सरकार


Image result for modi sarkar cartoon आप समय कहां बिताते हैं, इसका हिसाब मागेंगी सरकार, आपके घरों में दस्तक देंगे सर्वे कर्मचारी, सब जानकारी लेेंगे

नरेश अरोड़ा की विशेष रिपोर्ट
भाजपा यानि मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी की घोषणा कर सभी देश वासियों को आश्चर्यचकित कर दिया और उसके बाद जीएसटी लागू कर व्यापारियों पर कुठाराघात कर दिया। अब जब नोटबंदी और जीएसटी से आमजन धीरे-धीर उभरने लगा है तो अब आमजन के मन में यह सवाल हिलोरे ले रहा है कि अब मोदी सरकार का जनता के लिए नया फरमान क्या होगा। आईए जनता जनार्दन हम आपको बता देते हैं मोदी सरकार का जनता के लिए अब नया क्या फरमान होगा। अब मोदी का सरकार का नया फरमान यह है कि अब सरकार आपके घर में घुसकर आपसे यह जानना चाहेगी कि आप अपने समय का उपयोग कैसे करते हैं? यानि नौकरी अथवा व्यापार को कितना समय देते हैं, बच्चों के साथ कितने समय तक रहते हैं। इसके अतिरिक्त नहाने धोने में कितना समय लगाते हैं, यानि वह सब कुछ जो आपकी दिनचयर्या में शामिल है। कुल मिलाकर पहले तो सरकार ने आप पर आर्थिकता व व्यापार पर कुठाराधात किया किया और अब आपके घरों में घुसने को तैयार है। आपके समय का भी लेखा जोखा सरकार अपने पास रखने की तैयारी  कर रही है। मतलब आपके समय का  हिसाब-किताब भी सरकार ही अब रखेगी।
बता दें कि अमेरिका और ब्रिटेन की तर्ज पर देश में पहली बार ‘टाइम यूज सर्वे’ करने की तैयारी कर रही है। इसमें लोगों से पूछा जाएगा कि वे अपने समय का उपयोग किस तरह करते हैं। सूत्रों ने कहा है कि नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरंविंद पानगढिय़ा की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स ने सरकार से यह सर्वे कराने की सिफारिश की है। उन्होंने यह सिफारिश प्रधानमंत्री कार्यालय को दिए एक पे्रजेंटेशन में की है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय को यह सिफारिश पसंद आई है और जल्द ही इस दिशा में  कदम उठाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इसी तरह का सर्वेक्षण अमेरिका व ब्रिटेन में होता है। ब्रिटेन में वर्ष 2000-01 और 20014-15 में इस तरह का सर्वेक्षण किया गया। इसमें लोगों से पूछा गया था कि उन्होंने विभिन्न गतिविधियों पर कितना समय समय खर्च किया। अमेरिका में भी इसी तरह  का सर्वेक्षण होता है जिससे लोगों से पूछा जाता है कि वे दिनभर के समय का इस्तेमाल कैसे करते हैं। इस सर्वे से पता चलता है कि नौकरी या रोजगार पर लोग कितना समय व्यतीत करते हैं जबकि घरेलू कार्यों को जैसे बच्चों की देखभाल पर कितना समय लगाते हैं। अमेरिका में यह सर्वे 2003 से किया जा रहा है। वहां पर यह सर्वेक्षण बीएलएस यानि ब्यरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स कराता है। बीएलएस के लिए यह सर्वेक्षण सलाना होता है, लेकिन इसके कुछ आंकड़े भी उपलब्ध होते हैं। सूत्रों ने कहा है कि भारत में ‘टाइम यूज सर्वे’ नैशनल सैंपल सर्वे आर्गनाइजेशन (एनएसएसओ) करेगा। एनएसएसओ फिलहाल परिवारिक परिवारिक सर्वेक्षण करता है। रोजगार और परिवारिक व्यय के संबंध में भी आंकड़े जुटाने के लिए एनएसएसओ ही सर्वे करता है। एनएसएसओ के आंकड़ों के आधार पर ही सरकार अब तक गरीबी रेखा भी तय करती रही है। पनगढिय़ा की अध्यक्षता वाली जिस टास्क फोर्स ने यह सवेक्षण कराने की सिफारिश की है, सरकार ने उसका गठन रोजगार के आंकड़ें जुटाने की उपयुक्त विधि सुझाने को किया था। अब सरकार यह दावा कर रही है कि इसके सर्वेक्षण लोगों की दिनचर्या का पता चलेगा। अब यह सर्वे कंपनियों को फायदा पहुंचाने के इलावा कुछ नही है।
अंत में हम तो यही कहेंगे कि, लम्हों ने खता की थी,सदियों ने सजा पाई....।

No comments:

IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

क्या डबवाली में BJP की इस गलती को नजर अंदाज किया जा सकता है,आखिर प्रशासन ने क्यों नहीं की कार्रवाई