मिलेनियम स्कूल डबवाली में वर्ल्ड वेटलैंड डे मनाया गिया
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मिलेनियम स्कूल मंडी डबवाली में वर्ल्ड वेटलैंड डे का आयोजन किया गया। 02 फरवरी 1971 को विश्व के विभिन्न देशों ने ईरान के रामसर में विश्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे, इसीलिए इस दिन विश्वभर में ‘विश्व वेटलैंड्स दिवस’ अथवा ‘विश्व आर्द्रभूमि दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। डॉ दीप्ति शर्मा जी ने बताया कि यह दिवस हर साल 2 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिवस वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए जागरूकता पैदा करने, उसे बढ़ावा देने तथा इस बारे में सकारात्मक चीजों को बताने के लिए आयोजित किया जाता है। जल ही जीवन है और वेटलैंड्स जीवन समर्थित प्रणालियां है, जो जलचक्र के कामकाज को सुनिश्चित करती हैं। वेटलैंड्स भूजल जलवाही का पुनर्भरण करने में मदद करते है। प्रदूषित पानी को साफ करते है, तटरेखाओं की रक्षा करते है और बाढ़ को कम करने के लिए स्पंज के रूप में कार्य करते हैं। वेटलैंड्स में जैविक विविधता और व्यापक खाद्य श्रृंखला उन्हें 'जैविक सुपरमार्केट' बनाते हैं। वेटलैंड्स जैविक, रासायनिक और आनुवंशिक सामग्री की महत्ता के स्रोत, सिंक और परिवर्तक के रूप में बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, वेटलैंड्स मानवता की सांस्कृतिक विरासत के रूप में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और इनका हमारी आस्था और प्रथाओं के साथ भी गहरा संबंध हैं। ये वास्तव में हमारी प्राकृतिक संपदा और "तरल संपत्ति" का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस वर्ष के वेटलैंड्स दिवस का मुख्य विषय है "वेटलैंड्स हमारे भविष्य के लिए - टिकाऊ आजीविकाएं"। यह विषय मछली पकड़ने, धान की खेती, पर्यटन और जल प्रावधान जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय आजीविकाएं हासिल करने के लिए वेटलैंड्स के महत्व पर प्रकाश डालता है। इस वर्ष विश्व वेटलैंड्स दिवस मंत्रालय द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से सुंदरवन में आयोजित किया जा रहा है, जो विश्व में सदाबहार वनों का सबसे बड़ा एकल स्थल है और रॉयल बंगाल टाइगर सहित असंख्य पेड़़-पौधे और पशु प्रजातियों को आश्रय प्रदान करता है।

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