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बुधवार, अप्रैल 24, 2019

बच्चे कच्चे घड़े के समान होते हैं, उन्हें अध्यापक जैसे रंग देता है वह बच्चा वैसी ही सोच अपना लेता है- पालविंद्र शास्त्री

डबवाली न्यूज़
राजकीय माध्यमिक विद्यालय पान्ना का हर बच्चा अभिनंदन की तरह वीर सैनिक बनकर देश की सेवा करना चाहता है। इसे लेकर स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में अधिकांश बच्चे अभिनंदन की वेशभूषा में नजर आए। यहां तक कि विद्यालय के मुख्याध्यापक पालविंद्र शास्त्री व कुछ अध्यापक भी 'अभिनंदनÓ की वेशभूषा के अलावा उनकी तरह विशेष मूछे लगाए हुए थे। इस कार्यक्रम में डबवाली से रिटायर्ड अध्यापक व प्रसिद्ध मेकअप निदेशक कुरड़ा राम ने पहुंचकर बच्चों का मेकअप करते हुए उन्हें हुबहू अभिनंदन की तरह तैयार किया। इस दौरान विद्यालय का नजारा देखते ही बनता था। बच्चों ने देश भक्ति के नारे भी खूब लगाए।

मुख्याध्यापक पालविंद्र शास्त्री ने बताया कि अभिनंदन ऐसे वीर सैनिक हैं जिन्होंने अपने पराक्रम से भारत देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। भारत की कुशल वायु सेना का लोहा भी विश्व भर में मनवाया है। इसीलिए उनकी बहादुरी से बच्चे प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि पान्ना गांव को सैनिकों का गांव कहां जाता है। यहां के बच्चों के साथ-साथ उनके माता पिता के दिलो-दिमाग में यह जुनून घर कर गया है कि वे अपने बच्चों को आर्मी में भेजेंगे। गांव के अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में न भेजकर गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करवाना पसंद करते हैं। उनकी भावनाओं को देखते हुए अध्यापकों ने यह व्यवस्था की है कि हफ्ते के पहले तीन दिन बच्चे सैनिकों की ड्रेस पहनकर स्कूल में आते हैं। जब भी बच्चों से यह पूछा जाता है कि वे बड़े होकर क्या बनेंगे तो हर हर बच्चा यही कहता है अभिनंदन जैसा वीर, साहसी सैनिक बन कर देश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा बच्चे कच्चे घड़े के समान होते हैं, उन्हें अध्यापक जैसे रंग देता है वह बच्चा वैसी ही सोच अपना लेता है। बच्चों के अभिभावकों व अध्यापकों ने उन्हें हमेशा देशभक्ति का पाठ पढ़ाया है इसीलिए छोटी आयु में ही बच्चों ने अपने जीवन का लक्ष्य ढूंढ लिया है।उन्होंने बताया कि गांव पान्ना के अलावा खोखर व माखा गांव के अधिकतर बच्चे पान्ना के सरकारी स्कूल में पढऩे आते हैं और यह सभी बच्चे देश सेवा के लिए आर्मी में जाने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भूमि देशभक्तों की भूमि है जब भी देश पर कोई विपत्ति आती है तो यहां रहने वाले लोग संत संत सिपाही पढ़कर उसका डटकर मुकाबला करते हैं इसलिए हरियाणा को रणबांकुरों की धरती भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि बच्चों व उनके अभिभावकों का कहना है कि सेना वाली ड्रेस सभी सरकारी विद्यालयों में जरूरी कर देनी चाहिए ताकि हरियाणा के कण-कण, घर-घर व स्कूलों से देश भक्ति की खुशबू आए।

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