1983 पीटीआई अध्यापकों की सेवाएं पुन: बहाल करवाने को लेकर किया धरना प्रदर्शन,अध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम सौंपा मांग पत्र

डबवाली न्यूज़ डेस्क
हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति संबंधित हरियाणा शारीरिक शिक्षा अध्यापक संघ द्वारा शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (लड़के) के प्रांगण में 1983 पीटीआई अध्यापकों की सेवाएं पुन: बहाल करने को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद बीईओ की उपस्थिति में मैडम पूजा को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा। धरने में सर्व कर्मचारी संघ से सुभाष ढाल, रोडवेज से डबवाली डिपो के प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर, आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन से वीरपाल कौर, मिड-डे मील से राज रानी राज्य उप-प्रधान, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से मंगल सिंह तथा हरियाणा अध्यापक संघ से गुरमीत सिंह, नानक चंद, कृष्ण कायत, कालू राम, कुलदीप सिंह राज्य उप-प्रधान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 8 अप्रैल, 2020 को दिए गए निर्णय की अवमानना को दरकिनार करते हुए शिक्षा निदेशालय हरियाणा पंचकूला द्वारा 27 मई, 2020 को जारी आदेशों की पालना में सभी संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा 1 जून, 2020 को 1983 पीटीआई अध्यापकों को समय से पहले ही सेवा से कार्यमुक्त कर दिया गया, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने 5 महीने के अंदर दोबारा भर्ती करने के आदेश दिए थे, लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा समय से पहले ही पीटीआई अध्यापकों को रिलीव कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 1983 पीटीआई अध्यापकों को निर्दोष होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सरकार नियुक्त होने के कारण पूर्ण रूप से राजनीति का शिकार बनाते हुए नौकरी से निकाला गया है। इन सभी कर्मचारियों के लगभग 3 से 4 बार सभी तरह की डॉक्यूमेंट्स की जांच पड़ताल हो चुकी है। इसमें कोई भी कर्मचारी दोषी नहीं पाया गया। माननीय न्यायालय में चले केसों में भी किसी भी कर्मचारी पर किसी तरह का कोई दोष साबित नहीं हुआ इसके विपरीत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा अपनाई गई भर्ती प्रक्रिया में ही खामियां उजागर हुई हैं। उन्होंने कहा कि अगर पीटीआई कर्मचारी दोषी साबित हुए तो हम किसी भी सजा के हकदार हैं, इसलिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा की गई गलतियों के लिए हरियाणा सरकार द्वारा अध्यापकों को सजा देना किसी भी तरह न्यायपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सभी पीटीआई अध्यापकों व उनके सभी के परिवारों के प्रति सहानुभूति व माननीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी 1983 पीटीआई अध्यापकों की सेवा को पुन: बहाल कर उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान करें अन्यथा सरकार हर कदम पर ग्रामीण व सभी शहरी क्षेत्रों में इन सभी पीटीआई अध्यापकों के किसी भी तरह के कड़े विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहे और इसके साथ-साथ किसी भी तरह के आंदोलन के लिए हरियाणा सरकार ही पूर्ण जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा कि सभी यूनियनों से संबंधित सभी कर्मचारियों के सहयोग से आगामी 15 जून से जिला सचिवालय में कार्मिक अनशन शुरू किया जाएगा। इस मौके पीडि़त पीटीआई में नीलम रानी, सिमरनजीत कौर, सोमा रानी, मोनिका रानी, ऊषा रानी, अनिल कुमार, अरविंद कुमार व रेखा रानी सहित कई अन्य मौजूद थे।
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