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गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर दी श्रद्धांजलि

Dabwalinews.com
डबवाली।उपतहसील गोरीवाला स्थित स्वामी विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को सिखों के नवें गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया।इतिहास प्रवक्ता अनिल बाकोलिया ने बताया कि गुरु तेग बहादुर जी का जन्म 1 अप्रैल 1621 ईस्वी को हुआ। ये सिखों के नवें गुरु थे। जिन्होंने गुरु नानक द्वारा बताए मार्ग का अनुसरण किया। उनके द्वारा रचित 115 पद गुरु ग्रंथ साहिब में सम्मिलित हैं। उन्होंने मुगल शासक औरंगजेब द्वारा हिंदुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया। इस्लाम धर्म स्वीकार न करने के कारण मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए इस्लाम धर्म स्वीकार करने को कहा परंतु गुरु साहब ने कहा कि सीस कटा सकते हंै पर केश नहीं। इस बात पर गुस्सा होकर उस मुगल शासक ने 24 नवंबर 1675 को उनका सिर कटवा दिया। गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब उन स्थानों का स्मरण कराता है जहां गुरु जी की हत्या हुई थी। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्या समेस्ता सुथार ने अपने संबोधन में बताया कि विश्व इतिहास में धर्म एवं मानवीय मूल्यों, आदर्शों तथा सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में गुरु तेग बहादुर साहिब का अद्वितीय स्थान है। धर्म की रक्षा के लिए अपने तथा अपने परिवार की कुर्बानी देने वाले महान पुरुष की बलिदानी को हम कभी नहीं भूल सकते, उन्हें युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक एसएस सुथार, सचिव मनोज सुथार, उप प्राचार्य एमएल बठला सहित समस्त स्टॉफ सदस्य एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
Source Link - Tributes paid on the martyrdom day of Guru Tegh Bahadur ji

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