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विद्युत निगम का कारनामा,समस्या जस की तस, कागजों में कर दिया निपटान ,गली के बीचोंबीच खंभों से हो रही परेशानी को लेकर दाखिल की थी शिकायत

Dabwalinews.com
सिरसा। प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने और अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राइट टू सर्विस एक्ट को सख्ती से लागू किया जा रहा है। प्रदेश के किसी भी नागरिक द्वारा दाखिल की गई शिकायत का निर्धारित समय पर वाजिब वजह के बगैर निपटान न करने पर अधिकारियों से जवाबतलबी होगी और उन्हें दंडित करने का भी प्रावधान किया गया है। मगर, दक्षिणी हरियाणा विद्युत वितरण निगम सिरसा के अधिकारियों ने राइट टू सर्विस एक्ट की जवाबदेही से बचने का नायाब तरीका खोज निकाला है। विभाग द्वारा जिन समस्याओं का निपटारा नहीं किया जाता, उन्हें कागजों में निपटा दिया जाता है। वार्ड नंबर-एक चत्तरगढ़पट्टी की गली राजू एमसी वाली से जुड़ी एक गली के प्रवेश द्वार पर बीचोंबीच बिजली का खंभा लगा हुआ है। जबकि बगल के ट्रंासफार्मर की स्टे वायर भी गली को क्रास कर रही है। जबकि गली के दूसरी साइड के प्रवेश द्वार पर भी बिजली का खंभा बीच में लगा है। जिसके कारण दोनों ही दिशाओं से गली में तीन पहिया अथवा चार पहिया वाहन का प्रवेश मुश्किल से होता है। नगर परिषद की घर-घर से कचरा एकत्रित करने वाली गाड़ी भी खंभों और तारों से टकराती हुई प्रवेश करती है। जिसके कारण हर समय हादसे की आशंका रहती है। स्थानीय निवासी इंद्रजीत ने जनसुरक्षा के दृष्टिगत 4 सितंबर को निगम की वेबसाइट पर शिकायत दाखिल की गई, जिसे राइट टू सर्विस के अधीन स्वीकार कर लिया गया। विभाग की ओर से 10 सितंबर को अपना प्रतिनिधि भेजा, जिसने मौका मुआयना किया। इसके बाद सरल की वेबसाइट पर विभागीय अधिकारियों ने शिकायत को 10 सितंबर को ही 'क्लोजÓ दर्शा दिया। न तो समस्या का समाधान हुआ और न ही कोई एक्शन लिया गया। यह तो विभागीय अधिकारी ही बेहतर बता सकते है कि आखिर उन्होंने समस्या का कैसा समाधान किया?

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