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सोमवार, जनवरी 11, 2021

आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करने का मामला , डीएसपी संजय कुमार जुटें है कडिय़ां जोडऩे में

Dabwalinews.com
ओवरलोडिड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने निकली आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करने मामले वाले गिरोह का पर्दाफाश करने की अहम जिम्मेवारी डीएसपी सिरसा संजय कुमार के कंधों पर आई है।उनकी ओर से पूरे मामले को खंगाला जा रहा है। चूंकि चौपटा पुलिस द्वारा आरटीए सचिव हीरा सिंह की शिकायत पर बीती 4 जनवरी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मामला दर्ज किया था। ऐसे में मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा ही की जाती है। पहले डीएसपी ऐलनाबाद को जांच की जिम्मेवारी दी गई थी।वर्णनीय है कि आरटीए सचिव हीरा सिंह की ओर से नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने कराधान विभाग सिरसा के क्लर्क सतबीर सिंह व उसके साथी मंजीत उर्फ राजू के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ओवरलोडिड वाहन चालकों को आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करते है ताकि वे जुर्माने से बच सकें। आरोपियों ने 31 दिसंबर को नेजियाखेड़ा एरिया में चैकिंग करने गई आरटीए टीम की लोकेशन शेयर की।

ऐसे हुआ था खुलासा

प्रदेश सरकार द्वारा नवगठित आरटीए टीम ने जब ओवरलोडिड वाहनों की धरपकड़ के लिए प्रयास शुरू किए तो टीम को आशा अनुरूप सफलता हासिल नहीं हुई। दरअसल, गिरोह के लोग आरटीए टीम की लोकेशन पहले ही शेयर कर देते थे, जिसके कारण वाहन चालक अपना रूट बदल दिया करते थे। आरटीए सचिव हीरा सिंह ने अपनी टीम के साथ चौपटा थाना क्षेत्र में जब दो ट्रकों को पकड़ा तो उनके चालकों ने इस आशय का खुलासा किया कि वे सतबीर सिंह को इसकी एवज में सुविधा शुल्क अदा करते है। नियमित रूप से हिस्सा देने के बावजूद उन पर क्यों जुर्माना लगाया जा रहा है। प्रारंभिक पड़ताल में ट्रक चालक के मोबाइल पर सतबीर से बातचीत का भी खुलासा हुआ था। जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ।

गहरी जड़े है इस रैकेट की

टैक्स चोरी करने वाले गिरोह की बड़ी गहरी जड़े है। इस गिरोह द्वारा पूरे प्रदेश में अपना नेटवर्क बनाया हुआ है। गिरोह द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के साथ गठजोड़ किया हुआ है। वहीं गिरोह के लोग ईमानदार अधिकारियों पर हमले करने के लिए भी कुख्यात है। गिरोह के लोग टैक्स बचाने के लिए आरटीए टीम की लोकेशन शेयर करते है। गिरोह द्वारा व्हाट्सअप ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें वे आरटीए टीम की ताजा लोकेशन शेयर करते रहते है। सूत्रों का मानना है कि इस गिरोह के प्रभावशाली लोगों से भी तार जुड़े हुए है।

मोबाइल खोलेगा भेद

सिरसा में दर्ज मामले में जांच का जिम्मा डीएसपी संजय कुमार द्वारा संभाला जा रहा है। उनकी ओर से मामले को सिरे चढ़ाने के लिए गहन छानबीन की जा रही है। कयास लगाए जा रहे है कि जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश होगा और सतबीर के साथ-साथ गिरोह के अन्य सदस्यों की भी धरपकड़ होगी। आरोपी सतबीर सिंह का मोबाइल ही उसका भेद खोलेगा कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में है। इसके साथ ही छानबीन में यह भी खुलासा हो पाएगा कि टैक्स चोरी के मामलों में उसकी कितनी संलिप्तता है? फर्जी फर्मों के संचालकों से भी आरोपी सतबीर के रिश्तों की पड़ताल की जा सकती है।

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