तीन दिन का वायदा करने वाली सरकार ने तीन सप्ताह में भी केवल की 13 प्रतिशत गेहूं की फसल की अदायगी - अमित सिहाग

सरकार इसी सप्ताह जारी करे शेष भुक्तान राशि - अमित सिहाग
डबवाली न्यूज़
भाजपा सरकार के पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल की भांति आज भी किसानों की दुर्दशा हो रही है। सरकार अपने भाषणों में तो किसानों एवम् मजदूरों के हक में बड़ी बड़ी बातें करती है पर जमीनी हकीकत उस से बिल्कुल उलट है।ये बात हल्का डबवाली के विधायक अमित सिहाग ने कहते हुए कहा कि कभी सरकार पोर्टल का प्रयोग कर व नमी का हवाला देकर किसानों को परेशान करती है और कभी नए नए नियम बना आढ़तियों एवम् किसानों के मध्य खाई बनाने का काम करती है और अब किसान को उसकी बिकी हुई फसल के भुक्तान के लिए परेशान किया जा रहा है।विधायक ने कहा कि सरकार इस आपदा के समय में भी किसानों के प्रति संवेदनशील दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने वायदा किया था कि फसल खरीद के तीन दिन के अंदर अंदर किसानों को उनकी फसल का भुक्तान कर दिया जाएगा। सरकार का ये वायदा भी गेहूं पर बोनस देने के वायदे की तरह झूठा साबित हो गया है।अमित सिहाग ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा के कृषि मंत्री के अनुसार अब तक गेहूं की 605 लाख क्विंटल और सरसों की 54.2 लाख क्विंटल फसल की खरीद हो चुकी है। अगर उपरोक्त आंकड़ों के मुताबिक फसल की खरीद के एमएसपी के हिसाब से भुक्तान की बात की जाए तो अब तक गेहूं की 11650 करोड़ और सरसों की 2390 करोड़ की अदायगी बनती है पर सरकार ने अभी तक गेहूं की आदयागी के तौर पर मात्र 1500 करोड़ रुपए जारी किए हैं जो की कुल कीमत का मात्र 13 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इसी तरह सरकार ने सरसों की फसल की अदायगी के तौर पर 1150 करोड़ की अदायगी की है जो कि कुल अदायगी का लगभग 50 प्रतिशत है।विधायक ने कहा कि फसल खरीद शुरू हुए तकरीबन एक महीना हो चुका है और गेहूं की अदायगी का केवल 13 प्रतिशत और सरसों का लगभग 50 प्रतिशत भुक्तान के आंकड़े तीन दिन में अदायगी करने के सरकार के वायदे की पोल खोलते हैं जिस से सरकार की कथनी एवम् करनी में फर्क साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आज इस आपदा के समय सरकार को चाहिए था कि वो किसानों और मजदूरों की जेब में जल्द से जल्द पैसा डालती ताकि ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को उठाया जा सकता मगर इसके विपरित आज किसानों की जेब खाली पड़ी है और आगामी फसल बिजाई के लिए भी उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अमित सिहाग ने कहा कि सरकार अभी भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर, मात्र ऐलान न करके बल्कि खरीदी गई गेहूं और सरसों की फसल का भुक्तान एक सप्ताह में करके किसानों की माली हालत सुधारने का काम करे।
अमित सिहाग ने कहा कि सरकार अभी भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर, मात्र ऐलान न करके बल्कि खरीदी गई गेहूं और सरसों की फसल का भुक्तान एक सप्ताह में करके किसानों की माली हालत सुधारने का काम करे।
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