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बुधवार, दिसंबर 26, 2018

शौंक नही मजबूरी है, आज हड़ताल जरूरी है

 बैंकों में हड़ताल कर कर्मचारियों ने जताया रोष
#dabwalinews
डबवाली-
द युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को हुई राष्ट्रव्यापी हड़ताल में डबवाली के बैंक अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। इससे अधिकांश बैंकों में कामकाज ठप रहा और कर्मचारियों ने बैंकों के बाहर घरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। 
चौटाला रोड़ पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा के बाहर सुबह 10 बजे से बैंक अधिकारी व कर्मचारी धरने पर बैठ गए व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर कर्मचारी नेता एसके वर्मा, अमन सुखीजा, नवीन सेठी व सतीश कुमार ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांगों को न मानकर सरकार द्वारा उन्हें हड़ताल करने को मजबूर किया है। सरकार की जनघन योजना, नोटबंदी व अन्य योजनाओं को लागू करने के लिए बैंक कर्मचारियों ने ईमानदारी से रात-दिन काम किया। कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभाने से कभी भी पीछे नहीं हटे लेकिन जब बैंक कर्मचारियों की सुध लेने की बारी आई तो सरकार ने अपने कदम पीछे खींच लिए। वेतन से संबंधित व कर्मचारियों की अन्य मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा। विजय माल्या, नीरव मोदी जैसे बडे कारोबारी बैंकों का पैसा लेकर फरार हैं लेकिन सरकार इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। जबकि कर्मचारियों की वेतन व अन्य मांगों की बात आते ही सरकार पल्ला झाड़ लेती है। कर्मचारियों को हर बार अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल आदि का ही सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल वोट बैंक की भाषा समझ आती है। लेकिन इस बात की ओर ध्यान नहीं दे रही कि देश में 10 लाख बैंक इंपलाइज हैं और यदि एक कर्मचारी 100 वोट सरकार के खिलाफ डलवाए तो 10 करोड़ वोट सरकार के खिलाफ पड़ेंगे। इससे सरकार की जड़े उखड़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को मजबूरन सरकार को इस प्रकार की भाषा से समझाना पड़ रहा है। अमन सुखीजा ने कहा कि बैंकों में कामकाज ठप होने से करोड़ों रुपए का जो नुकसान हुआ है उसके लिए भी सरकार जिम्मेदार है। यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो यूनियनों द्वारा आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस अवसर पर नवदीप बांसल, हर्षल गर्ग, नवीन बिश्रोई, लविश सिंघल, कृष्ण गिल्होत्रा, पंकज अरोड़ा, सुशील कुमार, प्रदीप, सतवीर, विनोद कुमार, केवल सेठी, भारत जसूजा, मनोज मोंगा, गीतू रानी, अग्रसेन, संजय वर्मा, सुखदयाल, सुरेंद्र कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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