नगर परिषद में हो जाता है लक्कड़ हजम-पत्थर हजम! कबाड़ गायब किए जाने का है पुराना सिलसिला, वर्षों से नहीं हुई कबाड़ की नीलामी
डबवाली न्यूज़ डेस्क
सिरसा। नगर परिषद कार्यालय परिसर से ही कई क्विंटल लोहे के कबाड़ के गायब होने मामले को लेकर विस्मय जाहिर किया जा रहा है, जबकि नगर परिषद में यह सिलसिला वर्षों से चल रहा है।पिछले अनेक वर्षों से नगर परिषद द्वारा कबाड़ की नीलीमी नहीं की गई है, ऐसे में परिषद द्वारा लोगों से जब्त किया गया सामान आखिर कहां गया? उसे जमीन निगल गई या आसमान? दरअसल, सिरसा नगर परिषद का पाचन इतना जबरदस्त है कि यहां पर लक्कड़ और पत्थर तक हजम हो जाते है। लोहे के कबाड़ का गायब होना कोई अचरज पैदा नहीं करता।
नगर परिषद द्वारा अब तक जितने अभियान चलाए गए और जितना दुकानदारों का सामान जब्त किया, यदि उस सामान की नीलामी की जाती तो नगर परिषद को लाखों रुपये इसकी एवज में हासिल हो जाते। लेकिन एक तरफ सामान जब्त करने का सिलसिला चलता है और दूसरी ओर खुर्दबुर्द करने का। यही वजह है कि नगर परिषद के राजस्व में कुछ प्राप्त नहीं होता। नगर परिषद द्वारा शहरी क्षेत्र से जो होर्डिंग्स अथवा फ्लेक्स जब्त किए जाते है, उसके पुराने फ्लेक्स ही 100 रुपये अधिक में बिकते है। जबकि लोहे का फ्रेम अलग से बिकता है। नगर परिषद द्वारा स्लम बस्तियों में लगाने के लिए जो स्ट्रीट लाईट के पोल लगाए गए थे। उनमें से अनेक तो तत्कालीन ईओ के तबले में पशुओं को बांधने में प्रयुक्त किए जा रहे है। रोड डिवाइडर में लगे जो पोल टूट गए, वे भी खुर्दबुर्द कर दिए गए। कागजों में भले ही उन्हें गौशाला में दिया जाना दर्शाया गया, लेकिन उन्हें ठेकेदारों के हाथों में बेच दिया गया। नगर परिषद द्वारा लॉकडाऊन की अवधि में अनेक रेहड़ी वालों के तराजु जब्त किए गए। लेकिन अब उनका कहीं कोई नामोनिशान नहीं है? आखिर वे तराजु और जब्त रेहडिय़ां कहां गई?
भीतर ही है माल साफ करने वालें!
नगर परिषद कार्यालय परिसर से वजनदार कबाड़ के यूं चोरी होने के मामले से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह भीतरी लोगों की मिलीभगत से संभव नहीं है। ऐसे में सफाई की जरूरत भीतर किए जाने की है। आखिर इतनी वजनदार ग्रिल और गेट को कोई बाहरी व्यक्ति कैसे चोरी करके ले जा सकता है। यह पुलिस की जांच का विषय है?
फायर बिग्रेड को बनाया स्टोर
सूत्रों के अनुसार माल को खुर्दबुर्द करने के लिए नगर परिषद कार्यालय से उसे नगर परिषद की ही ट्रालियों में लादकर डबवाली रोड स्थित फायर बिग्रेड ले जाना दर्शाया जाता है। यहां पर भी स्टोर बनाया हुआ है ताकि जब्त सामान को लौटाया जा सकें। इसके साथ ही खुर्दबुर्द करने में भी आसानी रहती है। नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत दुकानदारों का जो सामान जब्त किया जाता है, उसे फायर ब्रिगेड में भी रखा जाता है ताकि ले देकर सामान छोडऩे पर पहचान न हों सकें। नगर परिषद में यह खेल बड़े सुनियोजित ढंग से खेला जाता रहा है।
वर्षों पूर्व रोड रोलर हो गया था चोरी!
नगर परिषद सिरसा का इतिहास गवाह है कि यहां हमेशा चौंकाने वाले काम ही हुए है। शहर में लाखों रुपये की गलियां 'एलियनÓ बनाकर चले जाते है। बिना गली के निर्माण ही भुगतान कर दिया जाता है। दर्जनभर अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार व गबन के मामले दर्ज होते है। नगर परिषद में माल डकारने की पुरानी परंपरा रही है। दशकों पूर्व नगर परिषद सिरसा का रोड रोलर ही चोरी हो गया था?
तेतरवाल से ही आस
जिला नगर आयुक्त श्रीमती संगीता तेतरवाल से बड़ी उम्मीद है कि वह नगर परिषद की गंदगी को साफ करेंगी। यहां जड़े जमाए भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। जो लोग सरकारी संपत्ति को खुर्दबुर्द करने में लगे रहते है, ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाएंगी। सिरसा की जनता को श्रीमती तेतरवाल से ही उम्मीद है कि वह अनियमितताओं पर कारगर ढंग से अंकुश लगा पाएगी?

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