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बुधवार, फ़रवरी 10, 2021

अब नहीं होगी आरटीआई से कर्मचारियों की निजता भंग, प्रशासनिक सुधार विभाग ने जारी की एडवाजरी

Dabwalinews.com

आरटीआई की आड़ लेकर सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को परेशान करने वालों का दांव अब नहीं चल पाएगा।सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार प्रशासनिक सुधार विभाग हरियाणा की ओर से इस बारे में एडवाजरी जारी की है और तमाम राज्य जनसूचना अधिकारियों को इस फैसले से अवगत करवाया है। जिसके तहत अब कर्मचारियों से संबंधित जानकारी को उनकी व्यक्तिगत जानकारी माना जाएगा और ऐसी जानकारी आरटीआई में देने की बाध्यता नहीं रहेगी। दरअसल, कुछ लोगों द्वारा आरटीआई का गलत इस्तेमाल किया जाने लगा था। ऐसे लोगों द्वारा सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को व्यक्तिगत टारगेट किया जाता था और उनकी व्यक्तिगत जानकारी आरटीआई में मांगी जाती थी। निजता भंग होने से कर्मचारियों में कुढ़ता पैदा होने लगी थी। इसके साथ ही व्यक्तिगत जानकारी सांझा होने से उनमें हीनभावना भी पैदा होने लगी थी। अनेक मामलों में आरटीआई का आपसी विवादों में हथियार के रूप में भी प्रयोग होने लगा था। व्यक्तिगत खुन्नस के लिए भी आरटीआई में कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाने लगी थी। निजता पर चोट पहुंचने से कर्मचारी की कार्यक्षमता भी प्रभावित होने लगती है।प्रशासनिक सुधार विभाग (एडमिनिट्रेटिव रिफोर्म डिपार्टमेंट) की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए इस बारे में तमाम राज्य जनसूचना अधिकारियों को एडवाजरी जारी की है। जिसमें कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी आरटीआई में सांझा न करने के लिए कहा गया है। बताया गया है कि सरकार की ओर से कर्मचारी के नाम, पता, शारीरिक-मानसिक स्थिति, प्राप्त अंक, ग्रेड, आंसरशीट, शैक्षणिक योग्यता, परफोरमेंस, एसीआर, दंडात्मक कार्रवाई को व्यक्तिगत जानकारी में शामिल किया है। इसके साथ ही मेडिकल रिकार्ड, ट्रीटमेंट, अस्पताल का नाम, परिवार के सदस्यों के नाम, संपत्ति, देनदारी, इंकम टैक्स रिटर्न, निवेश की जानकारी, उधार देना अथवा उधार लेना इत्यादि को व्यक्तिगत जानकारी में शुमार किया है। अब कोई भी व्यक्ति आरटीआई के माध्यम से किसी भी कर्मचारी की व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांग पाएगा। बशर्ते सूचना व्यापक जनहित से संबंधित न हों।

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