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सोमवार, मई 03, 2021

सीटी स्कैन के रेट तय करें प्रशासन ,3 हजार से 3500 रुपये वसूल रहें संचालक

Dabwalinews.com
कोरोना के इस दौर में मरीजों को राहत प्रदान करने के लिए सीटी स्कैन के रेट तय करने की नितांत आवश्यकता है।
चूंकि सरकारी स्तर पर कोरोना की जांच की रिपोर्ट दो-दो दिन के बाद ही मिल पा रही है। इसके साथ ही आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट में केवल नेगेटिव और पॉजिटिव ही अंकित होता है। जबकि चिकित्सकों द्वारा ईलाज से पूर्व सीटी-स्कोर पूछा जाता है। यानि कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट के बावजूद सीटी स्कैन की अनिवार्यता बन गई है। इसी कारण निजी सीटी स्कैन करने वालों के पास मरीजों की भरमार है।शहर में सीटी स्कैन करने वालों द्वारा 3000 से 3500 रुपये के रेट फिक्स किए हुए है। सूत्रों की मानें तो इसमें से 1000 से 1500 रुपये रेफर करने वाले चिकित्सक को कमीशन के रूप में दिए जाते है। यदि प्रशासन द्वारा हस्तक्षेप किया जाता है, तब मरीजों को कम से कम 1000 से 1500 रुपये की राहत मिल सकती है। यानि सीटी स्कैन की दर 2000 रुपये निश्चित की जाती है, तब मरीज को कुछ राहत अवश्य मिल सकेगी। बताया जाता है कि इस दौर में सीटी स्कैन करने वालों को तो लगभग 2000 रुपये ही मिलते है, लेकिन उन्हें वर्षभर प्राइवेट अस्पतालों के साथ मिलकर काम करना होता है, इसलिए वे चाहकर भी मरीजों को राहत नहीं दे पा रहें। ऐसे में यदि प्रशासन की ओर से सीटी स्कैन का रेट तय कर दिया जाता है, तब मरीजों को अवश्य ही राहत मिल पाएगी।
मानवीय मूल्य अपनाएं संचालक

कोरोना के इस विपदाकाल में सीटी स्कैन करने वालों को भी मानवीय मूल्य दिखाने की जरूरत है। यह वक्त मानवता दर्शाने का है और जरूरतमंद की मदद करने का है। इस दौर में पैसा कमाने की होड़ की बजाए सहयोग करने की जरूरत है। सामान्य दिनों में भले ही सीटी स्कैन संचालक मरीज झटकने के लिए कथित रूप से कमीशन की ऑफर देते हों, लेकिन अब तो मरीज स्वयं कतार लगाकर खड़े है। ऐसे में सीटी स्कैन के संचालकों को मानवता के नाते ही सहीं, मरीजों से लागत मूल्य ही वसूलना चाहिए। सीटी स्कैन संचालकों की संस्था को इस मामले में पहल करनी चाहिए और प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों को दिए जाने वाले कथित कमीशन को कुछ समय के लिए रद्द कर देना चाहिए। ताकि मरीजों को राहत मिल सकें। उनकी ओर से फीस में कटौती किया जाना भी किसी परोपकार से कम नहीं होगा।

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